चाँद पर पहुँचा चंद्रयान ,
क्यों न हो हमें अभिमान,
चाँद पर तिरंगा लहराये,
क्यों न हर्ष से मन भर आए,
क्यों न अपने वैज्ञानिकों पर करें अभिमान,
राष्ट गौरव का वो बने हैं यान,
साइंसदान महिलाओं ने हैं दिखाए जौहर,
महिला शक्ति पर लगा दी अपनी मोहर,
देश ने एक नया आयाम पार किया है,
कुंठित भावनाओं पर वार किया है,
दुनिया हमें अब जानने लगी है,
हमारा लोहा मानने लगी है,
यूँही स्थापित करें नए कीर्तिमान,
राष्ट्र बने अधिक सक्षम, बलवान,
धरती माँ को भी इसी निष्ठा से सजाएँ संवारें,
तभी तो लगेगी सही सफलता हाथ हमारे!
अरुण भगत
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