कर भला तो हो भला,
टल जाएगी सब बला,
सर्व का कल्याण कर,
फिर किस बात का डर,
बना अच्छाई को अपनी ढाल,
फिर न होगा बाँका बाल,
चर -अचर में प्रभु को देख,
न निकाल कोई मीन-मेख,
विधि का है जो लेख,
उसमें प्रभु अनुकंपा देख,
तत्व ज्ञान की बन जा ख़ान,
सर्व जगत को अपना जान,
स्व से होता सब शुरू,
अंतर्मन को जान गुरु,
हर किसी से प्यार कर,
स्वयं का उद्धार कर!
सर्वाधिकार सुरक्षित
अरुण भगत
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