जीने की तमन्ना है तो खुल के जी

जीने की तमन्ना है तो खुल के जी, घुट-घुट कर जीने के लिए लोग हैं ना, मरना है तो इक बार शान से मर, रोज़ तिल-तिल मरने वाले लोग हैं ना, बनाना है तो सच को अपना हमसाया बना, झूठ का निवाला परोसने वाले लोग हैं ना, इबादत करनी है तो उस परवरदीगार की कर,Continue reading “जीने की तमन्ना है तो खुल के जी”

नव वर्ष की पूर्व-संध्या पर कुछ विचार, मन के उद्ग़ार

बाईस तईस कुछ नहीं, नया पुराना कुछ नहीं, समय तो एक सतत प्रवाह है, नयी हो सकती है हमारी सोच, एक नया दृष्टिकोण, जीने का एक नया अन्दाज़, नए गंतव्यों की ओर बढ़ जाने की चाह, मन की एक नयी लहर, एक नयी मौज, पुराने जाल में फँसे रहे, वही पुरानी सोच, पुराने मापदंड, वहीContinue reading “नव वर्ष की पूर्व-संध्या पर कुछ विचार, मन के उद्ग़ार”

प्रकाश फैलाए नव वर्ष

प्रकाश फैलाए नव वर्ष हर ओर हो उल्लास और हर्ष, सत्य की गुंजार हो, प्रेम पथ विस्तार हो, स्नेह का डंका बजे, वैर भाव हर कोई तजे, चरित्र का जीर्णोद्धार हो, हर उच्च स्वप्न साकार हो, मंगलदायिनी यह धरा, दूर हों जर और जरा, युद्धों का तांडव बंद हो, सुदृष्टि पाएँ जो अंध हों, धरतीContinue reading “प्रकाश फैलाए नव वर्ष”

अनंत का है नाद

तुझ में, मुझ में, रहता है वो, निर्लेप है वो न उसे कोई मोह, योगी का योग, भोगी का भोग, कर्ता का कर्म, मातृ का मर्म, साधक की साधना, भक्त की आराधना, ज्ञानी का ज्ञान, ऋषि का निर्वाण, सर्वत्र वह बसता, सब के दुःख हरता, ज्ञानी का वह वाद, अनंत का है नाद, उस नादContinue reading “अनंत का है नाद”

अब कुछ सीधा हो जाए

कड़वे घूँट पी लिए बहुत, चलिए, कुछ मीठा हो जाये, टेढ़ी-मेढ़ी ज़िंदगी जी ली बहुत, अब कुछ सीधा हो जाए, बहुत लगा लिए दांव-पेच, अब मोहब्बत से दिल जीते जाएँ, झूठ फ़रेब हो गया बहुत, अब सच का दामन पकड़ा जाए, तिकड़में लगा के भी क्या पाया, अब भोले संत बना जाए, अहम की खेतीContinue reading “अब कुछ सीधा हो जाए”

पत्थर दिल इंसानों में कौन बनेगा तुम्हारा मीत

बहरों की इस दुनिया में कौन सुनेगा तुम्हारे गीत, पत्थर दिल इंसानों में कौन बनेगा तुम्हारा मीत, चिलचिलाती इस धूप में कौन बनेना तुम्हारी छाँव, सहरा की इस गरम रेत में कहाँ टिकेंगे तुम्हारे पाँव, शोरोगुल के इस जंगल में कौन सुनेगा तुम्हारी तान, कौन समझेगा मोल तुम्हारा चाहे हो तुम गुणों की खान, तुम्हारेContinue reading “पत्थर दिल इंसानों में कौन बनेगा तुम्हारा मीत”

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