आओ फिर बच्चे बन जाएँ

आओ फिर बच्चे बन जाएँ, चंदा मामा से बतियाएँ, उड़ें पवन के साथ डाल हाथों में हाथ, कोई भेद-भाव न जानें, सबको अपना ही मानें, अभी रूठें, , अभी मन जाएँ, सबसे प्यार हैं पाएँ, बालक बन जाएँ अबोध, फैलाएँ हर्ष और प्रमोद, फिर से पक्के दोस्त बनाएँ, एक-दूजे पे वारी जाएँ, बीती बात काContinue reading “आओ फिर बच्चे बन जाएँ”

ए रब, हमें ले चल उस दुनिया में वापिस

खुद से क्या चाहिए मुझे मैं खुद ही न जानूँ, है दिल में कोई ख़लिश, मैं खुद ही न मानूँ, बे नूर सा क्यों लगे मंज़र, कौन है यह जाने, म्यानों से बाहर निकले हैं ख़ंजर, हवा में हैं गिले-शिकवे और ताने, इंसान इंसान से पाले वैर, हर कोई लगे है ग़ैर, फ़िज़ा में घुलContinue reading “ए रब, हमें ले चल उस दुनिया में वापिस”

खुद से मुँह कौन मोड़ सका है?

खुद से दूर भाग कर कहाँ जाएँगे, खुद से दूर जा कर क्या पाएँगे, खुद से दूर भाग कर जा सकते कहाँ, जहां भी जा छुपेंगे, खुद को पाएँगे वहाँ, खुद से मुँह कौन मोड़ सका है, खुद से नाता कौन तोड़ सका है, खुद से अगर होंगे ख़फ़ा, तो किसी से न कर पाएँगेContinue reading “खुद से मुँह कौन मोड़ सका है?”

फ़िज़ा में घुला ज़हर

फ़िज़ा में घुला ज़हर, कुदरत ने बरसाया क़हर, साँस-साँस को हुए मोहताज, जो खुद को समझें सरताज, धुएँ और गर्द के जिन्न खड़े मुँह बायें, कुछ समझ न आए हम कहाँ जाएँ, यह हमारा ही तो किया-कराया है, कुदरत को हमने समझा पराया है, खुद को हमने जाना आला, खुद ही तो बुना अपनी बर्बादीContinue reading “फ़िज़ा में घुला ज़हर”

शब्दों ने मचा रखा बवाल

शब्दों की होती गहरी चाल, शब्दों का अपना छद्म जाल, शब्दों का अपना सम्मोहन, शब्द हमारा करते दोहन, शब्द हमें हैं भरमाते, कपटी शब्दों का है खाते, शब्द मति को करते भ्रष्ट, शब्द कर सकते हमें त्रस्त, जहां शब्दों की हो भरमार, जानो उनका नहीं कोई सार, शब्दों के जो बरसाते पुष्प, मन से होContinue reading “शब्दों ने मचा रखा बवाल”

When God Comes Alive in Every Pore

When God permeates your being, He changes your way of seeing, When He comes alive in every pore, You can ask for nothing more, He comes and uplifts your vision Which then transcends every division, His grace purifies your soul, It makes your split self whole, Then all rancour and animus is gone, You lookContinue reading “When God Comes Alive in Every Pore”

सादगी से बड़ा न कोई गहना

सादा जीवन, उच्च विचार, निर्मल मन, उत्तम व्यवहार, सादा व्यक्ति सब से न्यारा, ईश्वर को वह सबसे प्यारा, जो सीधा-सादा और हो नेक, उसके पास अमूल्य निधि है एक, लोग चाहे हों उसपे हंसते, उसके संग प्रभु हैं बसते, उसकी सुध हैं ईश्वर लेते, दोनो हाथों से उसको देते, उसपर समस्त सृष्टि की छाया, यहीContinue reading “सादगी से बड़ा न कोई गहना”

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