पल में बसती सारी सृष्टि

बीती बात बिसारिए, अपना आज संवारिए, बीत गया जो कल, कभी न लौटेगा वह पल, जो समय के गर्त में खो गया, अतीत का भाग वह हो गया, उसको लेकर न समय गँवाइए, इस पल में सार्थकता पाइए, जीवन इस पल में सिमटा, सम्पूर्ण अर्थ इस में है लिपटा, इस में है जीवन का सार,Continue reading “पल में बसती सारी सृष्टि”

रुकने का यहाँ क्या काम?

मुश्किल है अलविदा कहना, मुश्किल है जुदाई का दुःख सहना, पर ज़िंदगी तो है चलने का नाम, रुकने का यहाँ क्या काम? चाहे हमें एक दूसरे पर कितना भी प्यार क्यों न हो आता, वक़्त का बहाव हम सब को है बहा ले जाता, ले जाता हमें नयीं मंज़िलों की ओर, करिए इस बात परContinue reading “रुकने का यहाँ क्या काम?”

बेटियाँ माँ-बाप की जान हैं होती

बेटियाँ माँ-बाप की जान हैं होती, उनके दिल की ज़ुबान हैं होती, उनके दम से होता रौशन गुलज़ार, उनकी ख़ुशबू से महके संसार, मीठे प्यारे उनके बोल, कोई आंक सके न उनका मोल, अपना धीरज वो कभी न खोतीं, घर कुनबे की शान वो होतीं, कुदरत का नायाब तोहफ़ा उन्हें मानो, उस रब की ख़ासContinue reading “बेटियाँ माँ-बाप की जान हैं होती”

हवाओं से पूछा मैंने

हवाओं से पूछा मैंने, कहाँ तुम रहतीं हमेशा उड़ती, न पीछे देखतीं, न मुड़तीं, अपने घोड़ों पे सवार, आनंद मनातीं अपार, नए शहरों को चूमतीं, नए गावों में घूमतीं, पहाड़ों के ऊपर इतरातीं, सागर पर बल खातीं, मरुस्थलों से जूझतीं जबकि दुनिया तुम्हें पूजती, न तुम्हारा कोई ठौर, न ठिकाना आज यहाँ, तो कल कहींContinue reading “हवाओं से पूछा मैंने”

ग़म न कर, अभी बहुत कुछ करना है

ग़म न कर, अभी बहुत कुछ करना है, हर दुश्वारी से जूझना है, हालातों से लड़ना है, इस जद्दोजहद में ही तो है ज़िंदगी का मज़ा, लहरायेगा तेरा परचम ग़र होगी रब की रज़ा, न हिम्मत तूँ हार और ग़म न कर, न घुट-घुट के बार-बार तूँ मर, जाँबाज़ बन, शिद्दत से तूँ जी, रुसवाईContinue reading “ग़म न कर, अभी बहुत कुछ करना है”

प्रेम की भाषा जो हैं जानें

जहां प्रेम की गंगा बहती, प्रभु कृपा वहीं है रहती, प्रेम रस में हैं जो डूबे, जीवन से वे कभी न ऊबे, जहां प्रेम प्रेरित व्यवहार, वहीं होता आनंद संचार, प्रेम की भाषा जो हैं जाने, देवगण भी उनकी मानें, कृष्ण प्रेम में डूबी मीरा, प्रेम रतन का पाया हीरा, प्रेम दीवानी हर गोपी नाचे,Continue reading “प्रेम की भाषा जो हैं जानें”

A Salutation on the Eve of Teachers’ Day

My loving and respectful greetings to all my fellow teachers on the eve of Teachers’ Day 2022 ! On this day we should not only reverentially commemorate the memory of the great scholar, philosopher, teacher and statesman, Dr. S. Radhakrishnan, by trying to emulate the all time greats like him but should also renew ourContinue reading “A Salutation on the Eve of Teachers’ Day”

Design a site like this with WordPress.com
Get started