What You Give It, Life Gives You Back Manifold

Life can be fun, But then it can also make you sweat and run, It can be quite dicey, And act stiff-lipped and pricey, It can turn everything upside down, It can scowl at you and frown, It can flatten you to the earth, Of the blows it can deal you there is no dearth,Continue reading “What You Give It, Life Gives You Back Manifold”

हर पल को तूँ सहर्ष स्वीकार कर

म हर पल को तूँ स्वीकार कर, न कर विरोध उसका, न प्रतिकार कर, हर पल में छिपी अमूल्य निधि, सीख ले उससे जीने की विधि , असीमित सम्भावनाएँ पलतीं पल के गर्भ में, न गवाँ उनको तूँ अपने दर्भ में, पल में तूँ देख सारा ब्रह्मांड, पल में है ज्ञान प्रकांड, पल में हीContinue reading “हर पल को तूँ सहर्ष स्वीकार कर”

नस नस में है जो बसता

राम नाम तोते मानिंद बोले, राम न पाया कोये, अंतर्मन की जो आँख न खोले, रहे पड़ा वो सोए! राम तो है घट में विराजे, सुंदर उसकी छवि है साजे, अंदर उसकी ख़ुशबू फैले, कहाँ जानें जो मन हैं मैले? राम हमारे साथ हैं जगते, साथ हमारे हैं वो सोते, फिर हम क्यों बेचैन हैंContinue reading “नस नस में है जो बसता”

फिर भी चलता रहेगा यह कारवाँ

यह वक़्त का रेला, यह ज़िंदगी का मेला, तूँ ख़त्म हो चुकेगा, फिर भी यह न रुकेगा, न रहेंगे बाग़ और बाग़बान, फिर भी चलता रहेगा यह कारवाँ, हम सभी वक़्त की गर्द में जाएँगे खो, इक गहरी नींद जाएँगे सो, वक़्त का दरिया तो यूँ ही बहता रहेगा, अपनी ख़ामोश ज़ुबान में बहुत कुछContinue reading “फिर भी चलता रहेगा यह कारवाँ”

आईना झूठ नहीं बोलता

आईना झूठ नहीं बोलता, हमारी बंद गिरहें खोलता, दिखाता हमें हमारा सच, जिससे हम नहीं सकते बच , आईने में खुद को देखना जानना ज़रूरी है, क्यों भागें खुद से, ऐसी भी क्या मजबूरी है? सच से भाग कर जाएँगे भी कहाँ, जब लौटेंगे तो यहीं मिलेगा खड़ा, क्यों न अभी उससे साक्षात्कार कर लें,Continue reading “आईना झूठ नहीं बोलता”

हमारे रणबाँकुरे शहीदों को समर्पित कुछ श्रद्धा सुमन

अपने लहू से लिखी जिन्होंने अपने मुल्क की कहानी, खून में थी जिनके निराले जोश की रवानी, देश के लिए था प्यार जिनका सर चढ़ कर बोलता, किसी निजी स्वार्थ को ले जिनका मन कभी न डोलता, ऐसे जाँबाज़ शहीदों के उऋण रहेंगे सदा, शब्द थे जिनके तलवार और लेखनी जिनकी गदा, उन मतवालों केContinue reading “हमारे रणबाँकुरे शहीदों को समर्पित कुछ श्रद्धा सुमन”

होली है,भई, होली है

होली का त्योहार, सुंदर हो व्यवहार! सुंदर हो व्यवहार, रंगों से सब को नहलायें, प्रेम का जामा ओढ़ कर सब को गले लगाएँ! सब को गले लगाएँ, यही कहती होली की रीत, बिसार दें उस बात को जो कब की गयी है बीत! जो कब की गयी है बीत, उसे छोड़ बढ़ें अब आगे, जीवनContinue reading “होली है,भई, होली है”

Its Sheer Gladness Seeps into Your Pores

The hordes of flowers to the rhythm of the spring dance, So coyly do they sideways glance, The weather at its glorious best Wakes up creatures from their winter rest, It makes them get up on their feet and move As to its glorious medley they groove, As chirpy colourful birds after each other dart,Continue reading “Its Sheer Gladness Seeps into Your Pores”

Put Them on the Mat and Be Victorious

Our inner demons do us chase, Well! the can they raise! In the shadows can you find them lurking, They make you frown and leave you sulking! They are not our companionable fellow walkers, They are stalkers of pesky stalkers! Are we by their presence amused? No, they leave us stupefied and bemused! O Boy!Continue reading “Put Them on the Mat and Be Victorious”

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