चाहे मार्ग में फूल खिले हों या फिर मानो शूल बिछे हों, चाहे आकाश में बिजली कौंधे या फिर कोई सपनों को रौंदे, तुम चले चलो, तुम बढ़े चलो! जीवन नहीं रुकने का नाम, हताशा का नहीं कोई काम, बनो नदी की अविरल धार, होगा अवश्यमेव बेड़ा पार, तुम चले चलो, तुम बढ़े चलो! अजबContinue reading “तुम चले चलो, तुम बढ़े चलो”
Author Archives: Arun Bhagat
क्यों चाहते हो बोल कर समझाना
क्यों चाहते हो बोल कर समझाना कहीं बेहतर होगा ख़ामोश रह जाना किसे समझाओगे क्या समझाओगे आख़िर इस जद्दोजहद से क्या पाओगे बहस और तक़रीर से किसी ने क्या पाया ना करो समझने-समझाने में ख़ुद को ज़ाया अपनी राह पकड़ो और ख़ुद से बात करो अपने अंदर के शैतानों से दो-दो हाथ करो अगर नेकContinue reading “क्यों चाहते हो बोल कर समझाना”
उठ, तुझे विवेक पुकारता
पर अपने तू खोल बुलंद कर अपने बोल, समय की है यह माँग झूठी मर्यादाओं को लांघ, फ़रेब का चहूँ ओर है दंश न उसके गहरे जाल में फँस, भीतर के सत्य को दे बल निष्ठा से जी ले हर पल, सच्च के साथ जो खड़ा वही तो है शूरवीर बड़ा, आत्मा न दांव परContinue reading “उठ, तुझे विवेक पुकारता”
अंधी दौड़ है ज़ारी
सब व्यस्त हैं करने में अपनी कथा कौन जाने किसी के मन की व्यथा तूती अपनी बजाने में सब ऐसे मस्त किसे चिंता कौन आहत है, कौन पस्त अपने राग आलापने में सब यूँ हैं मग्न किसे दिखे मानवता होती निर्वसन नग्न हर कोई स्वनिर्मित छद्मजाल में खोया स्वार्थ का घातक विषैला बीज है बोयाContinue reading “अंधी दौड़ है ज़ारी”
देखो मन कहाँ भागा जा रहा है
देखो मन कहाँ भागा जा रहा है, इच्छाओं और तृष्णाओं के पीछे, दिखाने के लिए औरों को नीचे, दुनिया की चका-चौंध से भ्रमित, असीमित विषय-वासनाओं से ग्रसित, खींच रहा है हमें विनाश की ओर, जहां न दूर तक दिखती कोई भोर, स्वयं तो गर्त में जा ही रहा है, हमारे सुख-चैन को भी खा रहाContinue reading “देखो मन कहाँ भागा जा रहा है”
ख़ुद ही ख़ुद का दोस्त आला है
ख़ुद ही को ख़ुद का हमदर्द पाया और कहाँ है जहां में कोई हमसाया ख़ुद ने ख़ुद से मीठी ज़ुबान बोली ख़ुद ने ही ख़ुद की गिरह खोली ख़ुद ही ने ख़ुद को सम्हाला है ख़ुद ही ख़ुद का दोस्त आला है ख़ुद ही ने की ख़ुद के लिए ज़हमत ख़ुद ही ने ख़ुद परContinue reading “ख़ुद ही ख़ुद का दोस्त आला है”
Keep Life Simple
Keep life simple, Do not complicate it, Be for it grateful, Do not berate it. Life is a precious gift, So the grain from the chaff sift, Live life fully and wholly, Not to do so will be a folly. You are here for a day, So keep your vanities at bay, Do not beContinue reading “Keep Life Simple”
Just Leave It
If someone has not been kind, Don’t let that unkindness your soul grind. Just leave it! If someone has taken you for a ride, Don’t chaff and that person chide. Just leave it! If someone practises ‘ Use and throw’, With a prayer on your lips for him to grow, Just leave it! If someoneContinue reading “Just Leave It”
Less is a Blessing
That less is moreIs a fact, not lore.Less is a blessing,It needs no false dressing.Less is so cool,Not to see it you would be a fool.In a world driven by more,Less is so radicalThat it is simply magical.If you embrace less as your goal,You will be on a roll.Howsoever disapprovingly greed might mutter,Less is noContinue reading “Less is a Blessing”
हर दौर में मोहब्बत का पैग़ाम सुनाना चाहिए
ज़िंदगी जीने का कोई बहाना चाहिए इक खूबसूरत ख़्वाब, दिलकश अफ़साना चाहिए दूर तक फैली इस सहरा की रेत पे रूह को तर कर दे वो तराना चाहिए कौन जाने है आज किसी के दर्द को हमदर्द था जो दोस्त पुराना चाहिए नागवार ख़ुदपरस्ती से न कुछ भी होगा हासिल हर दौर में मोहब्बत काContinue reading “हर दौर में मोहब्बत का पैग़ाम सुनाना चाहिए”