शब्द जाल से बाहर निकल
मौन का तू महत्व समझ,
शब्द हमें हैं उलझाते
शब्द हमें हैं भरमाते,
शब्द कोलाहल बढ़ाते
शब्द बाण हमें सताते,
मौन की है अपनी महिमा
कर संचित उसकी गरिमा,
मौन में है परम शांति
अद्भुत है मौन की कांति,
मौन की महिमा अपरंपार
मौन में समाहित पूर्ण विस्तार,
शब्द जहाँ हैं दीन-हीन
परम तत्व है मौन में लीन,
शब्द जाल से बाहर निकल
मौन का तू महत्व समझ !
अरुण भगत
सर्वाधिकार सुरक्षित
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