नव वर्ष के लिए मंगल कामनाएँ! नव वर्ष आप सब के लिए शुभ, अर्थपूर्ण एवं आनन्दमय हो!
पल्लवित हों नई संवेदनाएँ
नया साल आएगा
ढेरों ख़ुशियाँ लाएगा
अंगड़ाई लेंगीं नयी उमंगें
उठेंगी मन में नयी तरंगें
अंतर्मन में बजेंगे ढोल-मंजीरे
खुल जाएँगी सब ज़ंजीरें
देखो वो अंधेरा गया
उग रहा है एक सूरज नया
ख़ुशी का परचम फहरायेगा
अंधेरा अब न गहराएगा
करो स्वागत एक नई सहर का
अब न डर हो किसी क़हर का
हर सुंदर सपने को करें साकार
आओ एक नई दुनिया को दें आकार
विषमताओं की कोई हो न जगह
मन बुझने की कोई हो न वजह
निष्कासित हों सब वेदनाएँ
पल्लवित हों नईं संवेदनाएँ
असत्य का हो मूल विनाश
हो सत्य का सर्वत्र प्रकाश
ऊसर धरती पर खिल जाएँ फूल
पथ पर न रह जाएँ कोई शूल
क्यों न हो जाएँ हम सब साथ
कदम बढ़ाएँ ले हाथों में हाथ
करें एक सर्वोत्तम दुनिया की रचना
जिस लिए हुई हमारी संरचना
अपनी नियति को साकार करें
स्व जीवन का उद्धार करें!
अरुण भगत
सर्वाधिकार सुरक्षित
#arunbhagatwrites#poetry# poeticoutpourings#outpouringsof myheart#writer#Indianwriter#englishpoetry#hindipoetry#poetryofthesou
Beautiful optimistic poem! Loves reading it
LikeLike
Thank you very much , Jyoti Ji! I am so happy to know that you loved reading the poem! You have made my day. Stay blessed.
LikeLike