दिल से दिल मिलें,
रूह के गुल खिलें,
तो कुछ बात बने!
हाथों में हों हाथ,
सब मिलकर बढ़ें साथ,
तो कुछ बात बने!
सब को गले लगाएँ,
सब की लें बलाएँ,
तो कुछ बात बने!
पर ज़िंदगी नहीं देती सदा सुख,
हवाएँ मोड़ लेती हैं अपना रुख़,
चाहे आग बरसाए अब्र,
फिर भी न खोएँ सब्र,
तो कुछ बात बने!
चाहे दामन हो चाक,
फिर भी सोच रहे पाक,
इतर की मानिंद फ़िज़ा में घुल जाएँ,
सब की लें दुआएँ,
तो कुछ बात बने!
चाहे न जाने कोई हमारा मर्म,
ज़िंदगी दे चाहे कितने ज़ख़्म,
चुपचाप उन्हें सिए जाएँ,
जज़्ब का जाम पिए जाएँ,
तो कुछ बात बने!
चाहे न हो कुछ क़सूर,
ज़िंदगी बन जाए नासूर,
तब भी हौंसला बना रहे ज़रूर,
ढह जाना न हो क़तई मंज़ूर,
तो कुछ बात बने!
चाहे दुशवार हो रास्ता,
सब रोकें, दे मुहब्बतों का वास्ता,
फिर भी ख़ौफ़ न खाएँ,
मुसलसल आगे बढ़ते जाएँ,
तो कुछ बात बने!
चाहे दिल हो तार-तार,
फिर भी हर लम्हा बनाएँ यादगार,
बेबाक़ हों और ऐसे बे-फ़िक्र,
कि हर दौर में हो ज़िक्र,
तो कुछ बात बने!
अरुण भगत
#arunbhagatwrites#poetry# poeticoutpourings#outpouringsof myheart#writer#Indianwriter#englishpoetry#hindipoetry#poetryofthesoul
अति सुंदर! परेरणा दायक कविता, जीवन के हर संघर्ष मे आगे बढने की परेरणा!
LikeLike
बहुत बहुत धन्यवाद, भाई! जीवन अच्छे से जीने के लिए प्रेरणा आवश्यक है। जब मैं ऐसी कविता लिखता हूँ, तो स्वयं भी प्रेरित होता हूँ!
LikeLike
👌👌👌
LikeLike
धन्यवाद, अंकित जी! खुश रहिए!
LikeLike
ये सब संभव हो जाये तो,
बहुत अच्छी बात बने👌👌👌👌
सुंदर कविता Sir👌👌🙏🙏
LikeLike
धन्यवाद, मीनाक्षी जी! खुश रहिए, खुद भी लिखती रहिए!
LikeLike
Nice poem..sir
LikeLike
Thank you very much, Saurabh
dear! Stay blessed.
LikeLike
“दिल से दिल मिले, रूह के गुल खिले।”
बहुत अच्छी अभिव्यक्ति सर 💐🙏
LikeLike
बहुत बहुत धन्यवाद, ममता मैडम! सब ईश्वर की कृपा है!
LikeLike
Kya baat hai❤️❤️lajawab😍
LikeLike
बहुत बहुत धन्यवाद, प्रिय साहिल! खुश रहिए!
LikeLike