वक़्त अच्छा भी आएगा,
फिर सब कुछ भाएगा,
फिर बजेगी मन की तार,
फिर थिरकेंगे पाँव,
फिर झूमेगी मस्त पवन
सपनों की होगी उन्मुक्त उड़ान,
लहराएँगे उम्मीदों के फिर परचम!
बस्तियाँ होंगी फिर आबाद,
फिर कहकहे गूंजेंगे,
फिर महफ़िलों के दौर चलेंगे,
फिर सजेंगी बारातें,
फिर मिलेंगे हम सब गले
जब मौत के मंडराते सायों से
हम आख़िर होंगे आज़ाद!
जो हमसे बिछुड़ गए हैं
उन्हें करेंगे नमन सादर
और फिर बढ़ जाएँगे
इस जीवन पथ पर
गले लगाने एक नयी सुबह को,
भरने नये नये रंग
नये जोश के संग!
अरुण भगत
बिल्कुल सही कहा सर आपने वक्त अच्छा भी आएगा।
बहुत सुंदर कविता लगी।
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धन्यवाद, ममता जी! खुश रहिए!
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Kya baat Sir!!!!
Such a positive poem!!!
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Thank you very much, Neha Ji! It is good and important to be positive and stay positive to the extent possible, isn’t it?
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Nice lines sir🥰
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Thank you, Sapna dear!
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Amazing poem Sir, one need to be positive for living a rich life.
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Thank you,Ma’m! It is really very important to stay cool and positive in the face of the multiple challenges life throws at you.
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बहुत ही सुंदर पंक्तियां गुरुजी
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Thank you very much, dear! Happy that my composition made you happy.
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Ati uttam sir👍🙏
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कविता को अति उत्तम समझने के लिए अत्यंत धन्यवाद, प्रिया जी!
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हमेशा की तरह बेहतरीन ✨👌😇कविता ,सर!
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बेहतरीन विद्यार्थियों के लिए कविता बेहतरीन ही होनी चाहिए, श्वेता जी!
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such a positive poem for all those who are upset or worry about his life.sir you are great
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Thanks, Nikhil dear! We shouldn’t let go of positivity, should we?
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बहुत ही सुन्दर कविता है सर । वैसे भी हर समय एक जैसा नहीं रहता आज मुश्किलें है तो कल खुशियां भी आएंगी और ये बुरा वक्त भी टल जाएगा ।
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सही है, राशी! जीवन है ही परिवर्तनशील! जब अच्छा समय नहीं रहता तो बुरा भी नहीं रहेगा! आपकी सराहना के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!
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