On the Far Away Horizons Fix Your Unwavering Gaze

Those who throw stones in your path, Do not subject them to your wrath! Don’t be riled by their excess, Let those stones be your stepping stones to success! Life has a way of throwing challenges at you, To prove your mettle is all that you have to do! Let all impediments in your wayContinue reading “On the Far Away Horizons Fix Your Unwavering Gaze”

Learn to Leave Everything with Grace

When everything we have to leave, Why intricate webs of attachment do we weave? Why to anything try to cling When everything has to go and take wing? Why try to hold on to any belongings And invite needless heartaches and longings? Empty-handed we come and we go empty-handed, Has anyone in the other worldContinue reading “Learn to Leave Everything with Grace”

ग़लतफ़हमियों के क़िस्से कितने दिलचस्प हैं

ग़लतफ़हमियों के क़िस्से कितने दिलचस्प हैं, हर ईंट यह सोचती है कि दीवार मुझ पर टिकी है! ख़ुदा सोचता है वह कायनात को चला रहा है, इंसान सोचता है कि वह ख़ुदा को चला रहा है! मैं सोचता हूँ कि मैं हूँ संसार का केंद्र बिंदु, तुम सोचते हो कि तुम हो सप्त सिंधु! दिलContinue reading “ग़लतफ़हमियों के क़िस्से कितने दिलचस्प हैं”

कौन सुलझा पाया है ये उलझे हुए ताने बाने?

यह संसार है एक सपना, क्षणभंगुर है जो भी लगे अपना! ज़िंदगी रेत सी हाथों में से छनती जाती पर यह बात सुनने में है किसको भाती? न जाने यह बुलबुला कब फूट जाए, साँसों की लड़ी कब टूट जाए, कब जीवन की गाड़ी अपने आख़िरी पड़ाव पर रुक जाए, ज़िंदगी मौत के आगे झुकContinue reading “कौन सुलझा पाया है ये उलझे हुए ताने बाने?”

आओ कुछ तो करें तुम्हें ख़ुदा का है वास्ता

आसान नहीं, मुश्किल है इस ज़माने में जीना, कहाँ मुमकिन है चाक दामन को सीना! अपनी रूह पे लगे पैबंद कैसे छुपाएँ, रोते सिसकते हुए मन को कैसे हसाएँ? कैसे बदलें इस वक्त की बेनूरी को नूर में, कैसे पाएँ सकूँ झूठ मूठ के सरूर में? कैसे बंजर ज़मीन पर उगाएँ प्यार की फसल, कैसेContinue reading “आओ कुछ तो करें तुम्हें ख़ुदा का है वास्ता”

चलो क्षितिज के उस पार

चलो क्षितिज के उस पार, जहां हो स्नेह और शांति अपार, जहां न हो कोई विषम अभाव, जहां न हो बाहुबलियों का दुष्प्रभाव, जहां न हों लोग न्याय के लिए सिसकते, जहां न हों भूखे बच्चे रोटी के लिए बिलखते, जहां न हो अशोभनीय बंदर बाँट और खींचा तानी, जहां दूध का दूध हो औरContinue reading “चलो क्षितिज के उस पार”

हर किसी से प्यार कर

हर किसी से प्यार कर, न अस्मतों पे वार कर, हर किसी को दे सहारा, ख़ुदगर्ज़ी हो न तुझे गवारा ! ख़ुदा की रहमत सब के लिए माँग, न किसी को बेवजह सूली पे टांग, तेरी वजह से हो सबका मेल, नफ़रतों का ख़ौफ़नाक खेल तूँ कभी न खेल, सारी कायनात से तूँ प्यार कर,Continue reading “हर किसी से प्यार कर”

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