प्रेम की भाषा जो हैं जानें

जहां प्रेम की गंगा बहती, प्रभु कृपा वहीं है रहती, प्रेम रस में हैं जो डूबे, जीवन से वे कभी न ऊबे, जहां प्रेम प्रेरित व्यवहार, वहीं होता आनंद संचार, प्रेम की भाषा जो हैं जाने, देवगण भी उनकी मानें, कृष्ण प्रेम में डूबी मीरा, प्रेम रतन का पाया हीरा, प्रेम दीवानी हर गोपी नाचे,Continue reading “प्रेम की भाषा जो हैं जानें”

A Salutation on the Eve of Teachers’ Day

My loving and respectful greetings to all my fellow teachers on the eve of Teachers’ Day 2022 ! On this day we should not only reverentially commemorate the memory of the great scholar, philosopher, teacher and statesman, Dr. S. Radhakrishnan, by trying to emulate the all time greats like him but should also renew ourContinue reading “A Salutation on the Eve of Teachers’ Day”

तो कुछ बात बने

दिल से दिल मिलें, रूह के गुल खिलें, तो कुछ बात बने! हाथों में हों हाथ, सब मिलकर बढ़ें साथ, तो कुछ बात बने! सब को गले लगाएँ, सब की लें बलाएँ, तो कुछ बात बने! पर ज़िंदगी नहीं देती सदा सुख, हवाएँ मोड़ लेती हैं अपना रुख़, चाहे आग बरसाए अब्र, फिर भी नContinue reading “तो कुछ बात बने”

स्वाधीनता का पावन पर्व मनाएँ

तिरंगे की हम शान बढ़ाएँ, चरित्र को अपने सबल बनाएँ, लक्ष्य हों ऊँचे, साधन नेक, आगे बढ़ें हम होकर एक, आज़ादी के बनें रखवाले, देश की गरिमा के मतवाले, इस पुण्य धरा को शीश नवायें, विश्व को शांति का पाठ पढ़ाएँ, सबका साथ, सबका विकास, सबके जीवन में घुले मिठास, सबका हो सम्मिलित प्रयास, राष्ट्रContinue reading “स्वाधीनता का पावन पर्व मनाएँ”

बावरा गली-गली में घूमे

बावरा गली-गली में घूमे, नाचे, गाए, मस्ती में झूमे, न वह जाने कपट, न छल, सच्चा उसका हरेक पल, अबोध बालक सा वह फिरता, उसका मनोबल कभी न गिरता, तितली के पीछे वह भागे, नहीं उलझे उसके मन के धागे, उड़ते बादल को वह पकड़े, उसे कोई कुंठा नहीं जकड़े, जो मन आए वही वहContinue reading “बावरा गली-गली में घूमे”

यह बताएगा तुम्हें मौन

मैं हूँ कौन? यह बताएगा तुम्हें मौन, मौन में है ईश्वर बिराजे, मौन में ही है सच साजे, मौन से उपजी यह सृष्टि, मौन में व्याप्त दिव्य-दृष्टि, मौन में है जीवन का सार, मौन लगाए बेड़ा पार, मन के शोर का हल एक मौन, मौन के आगे सब भ्रम गौण, मौन ही करे असत्य काContinue reading “यह बताएगा तुम्हें मौन”

वही है जागृत, वही है ज्ञानी

साँसों का है खेल सारा, कुछ पल का है मेल सारा, कब समय के गर्त में जाएँ खो, कब बुझ जाए जलती लौ, कब काल का ग्रास बन जाएँ, कौन यह जाने , कौन बताए, कैसी है यह प्रभु की माया, जीवन है पल भर का साया, कब कहाँ कैसे खो जाए, कौन हमें बतलानेContinue reading “वही है जागृत, वही है ज्ञानी”

वही जाने जीवन का सार

जीवन नित नया, बीत गया सो बीत गया, बीती बात बिसारिए, अब तो जीवन संवारिए, जो आगे की ले सुध, वही तो है प्रबुद्ध, जो वर्तमान में जिए, जीवन रस वह पिए, जो आलिंगन करे हर पल का, वही तो है नायक कल का, जो जाने जीवन है यही एक पल, वही चखे भाग्य काContinue reading “वही जाने जीवन का सार”

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