जीवन नित नया, जो बीत गया सो बीत गया! बीती बात बिसारिये आज को संवारिये, अतीत की गठरी उतारिये स्वयं को यूँ ही न मारिये, आज को जियो होकर मुक्त यूँ ही न हो जाये वह लुप्त, आज की संभावनाएं असीमित न कर ख़ुद को तूँ सीमित, स्वच्छंद भाव से जी हर पल तभी सुनहराContinue reading “आज को संवारिये”
Author Archives: Arun Bhagat
Why?
Why is it that In today’s world love goes a begging While hate fumes and thrives? Why is it that Politeness is construed as a weakness While insolence rules the roost? Why is it that Honesty is shown the door While dishonesty base passions drives? Why is it that Humility is considered passe While everyone’sContinue reading “Why?”
निश्चय कर आगे बढ़ जा
लाँघ सब सीमाओं को तूँ हो जा विस्तृत, नहीं बना तूँ पराजय हेतु न होने को तिरस्कृत! अपने बंधन खोल कर तूँ हो जा मुक्त, जान ले, असीम सम्भावनाओं से सदा से है तूँ युक्त! विशालता है तेरी पूंजी अमरत्व तेरा गंतव्य, विचलित न हो इस पथ से यही है तेरा कर्तव्य! निश्चय करContinue reading “निश्चय कर आगे बढ़ जा”
नये साल की नयी कहानी
भूल-चूक जी माफ करो नये साल में मन साफ़ करो नये साल की नयी कहानी रगों में हो इक नयी रवानी नये साल की हों नयी उमंगें मन में हों पल्लवित नयी तरंगें नये साल की नयी हो बोली प्रेम-प्यार की खेलें होली नये साल की नयी हो बातें निकले सूरज,छँट जाएँ रातें नयेContinue reading “नये साल की नयी कहानी”
गावो मंगल, मनाओ हर्ष
नव वर्ष हम सब के लिए और समस्त विश्व के लिए मंगलमय हो। देखो आया नूतन वर्ष गावो मंगल, मनाओ हर्ष विकसित हो एक नई चेतना मानव समझे मानव की वेदना हर दिल में पनपे प्रेम अपार हो सुंदर जग का स्वप्न साकार सबल चरित्र हो, इरादे नेक ह्रदय से हो जायें सब एक Continue reading “गावो मंगल, मनाओ हर्ष”
Let us kindly move beyond the outer rituals associated with Christmas and imbibe its true spirit to lend more meaning to our celebrations and to our lives. Christmas can be merry Only when all are well fed And have a warm cosy bed, When hunger no longer our land stalks And everyone with dignity walks,Continue reading
My Take on Kindred Souls
Kindred souls make each other whole, This wholeness being a vital goal. God on purpose sends them our way So that our souls can dance and be gay. I think you will me whole-heartedly endorse When I call them the blessed carriers of life force. They nourish and nurture our being, They bring to usContinue reading “My Take on Kindred Souls”
दे जीवन को एक नवीन गति
जीवन पथ पर बढ़ता जा गीत सुख समृद्धि के गा जीवन एक अनमोल निधि अगर तूँ जाने जीने की विधि इसे कदापि न व्यर्थ गवाँ जाने कब यह हो जाये हवा यह पल ही है तेरा अपना बाक़ी सब तो है एक सपना जागृत हो इस क्षण के प्रति दे जीवन को एक नवीन गति Continue reading “दे जीवन को एक नवीन गति”
कल ही तो आया था
कल आया था और आज ही गया बे-वफ़ा कहीं का ये साल भी गया यूँ ही बीत जाती ज़िंदगी ख़्वाब जैसी ढहे जाते रेत के इक नाज़ुक घर जैसी यूँ ही तो गुज़र जाता है ये सफ़र तमाम पलक झपकते आ जाता आखरी मुक़ाम सामने इक समंदर, कहाँ इसका किनारा ख़ुद इसमें उतरना, कोई नContinue reading “कल ही तो आया था”
ज़िंदगी
ज़िंदगी जीना आसान थोड़ी है कितने सवाल खड़े रहते हैं मुँह बाये गहराते रहते है हैं कितने स्याह साये कितनी मंज़िलें देती रहती हैं सदायें कितनी चाहतें लेती रहती हैं बलायें वक्त थोड़ा, उम्मीदों की फ़ेहरिस्त लंबी कहाँ मिले है कोई हमख्याल साथी संगी यूं ही भाग-दौड़ में ज़िन्दगी गुज़र जाती है रेत की मानिंदContinue reading “ज़िंदगी”