हर दौर में मोहब्बत का पैग़ाम सुनाना चाहिए

ज़िंदगी जीने का कोई बहाना चाहिए

इक खूबसूरत ख़्वाब, दिलकश अफ़साना चाहिए

दूर तक फैली इस सहरा की रेत पे

रूह को तर कर दे वो तराना चाहिए

कौन जाने है आज किसी के दर्द को

हमदर्द था जो दोस्त पुराना चाहिए

नागवार ख़ुदपरस्ती से न कुछ भी होगा हासिल

हर दौर में मोहब्बत का पैग़ाम सुनाना चाहिए

इस वहशी दौड़ में जो गिर गए बे-दम

हाथ दे कर उनको भी बे-शक उठाना चाहिए

दोज़ख़ सी हो गई है जो मुआशरे की हवा

बांध मंसूबा उसे फिर जन्नत बनाना चाहिए

अरुण भगत

सर्वाधिकार सुरक्षित

#arunbhagatwrites#poetry# poeticoutpourings#outpouringsof myheart#writer#Indianwriter#englishpoetry#hindipoetry#poetryofthesoul

Published by Arun Bhagat

I love to talk through my writings.@

One thought on “हर दौर में मोहब्बत का पैग़ाम सुनाना चाहिए

Leave a reply to Ankit Cancel reply

Design a site like this with WordPress.com
Get started