सुनो उनका गीत आँखें मूँदे

बारिश की जो गिरती बूँदें,
सुनो उनका गीत आँखें मूँदे,
आकाश से अमृत है बरसे,
तृप्त हो धरती जो तरसे,
मेह जो बरसें, वरदान मानिए,
स्वयं को भाग्यवान जानिए,
मेह रूप में प्रभु कृपा है बरसे,
धन्य जानिए ख़ुद को मन से,
गरजते बादल, मिट्टी सौंधी,
मूल्य न जाने खोपड़ी औंधी,
घिर-घिर आयें जब मेघ,
वर्षा का जब देखो वेग,
ह्रदय हो तरंगित, गाओ मल्हार,
जानो इसे प्रकृति का अमूल्य उपहार,
जल प्राण शक्ति को भरता,
मृत वनस्पति को जीवित करता,
जल जीवन है सत्य मानिए,
इसे प्राण तत्व ही जानिए!

अरुण भगत
सर्वाधिकार सुरक्षित

#arunbhagatwrites#poetry# poeticoutpourings#outpouringsof myheart#writer#Indianwriter#englishpoetry#hindipoetry#poetryofthesoul

Published by Arun Bhagat

I love to talk through my writings.@

2 thoughts on “सुनो उनका गीत आँखें मूँदे

Leave a comment

Why are you reporting this comment?

Report type
Design a site like this with WordPress.com
Get started