इससे बहुमूल्य न कोई युक्ति

मोह माया सब त्यागिए,

लोभ, मोह, अहंकार,

गहन निद्रा से जागिए,

तजिये सर्व विकार!

तजिये सर्व विकार,

हर बंधन से मुक्ति पाइए,

रखिए सदा सुविचार,

मेहनत का ही खाइए!

मेहनत का ही खाइए,

आत्मा रहेगी तृप्त,

कुमार्ग पर न जाइए,

कुसंगत में न होइए लिप्त!

कुसंगत में न होइए लिप्त,

इस बात को विचारिए,

चला जाए न व्यर्थ और रिक्त,

अनमोल जीवन को सँवारिए!

अनमोल जीवन को सँवारिए,

यह फिर न आएगा हाथ,

मन के कूड़ को बुहारिये,

प्रभु निश्चित देंगे साथ!

प्रभु निश्चित देंगे साथ,

हो जाओगे स्वच्छंद और मुक्त,

अमूल्य निधि लगेगी हाथ,

जीवन हो जाएगा आनंद युक्त!

जीवन हो जाएगा आनंद युक्त,

इसी जीवन में होगी मुक्ति,

मन में पैठाइए सूत्र उक्त,

इससे बहुमूल्य न कोई युक्ति!

अरुण भगत

सर्वाधिकार सुरक्षित

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Published by Arun Bhagat

I love to talk through my writings.@

13 thoughts on “इससे बहुमूल्य न कोई युक्ति

    1. बहुत बहुत धन्यवाद, ममता जी! यह सृजनशीलता परमात्मा की ही देन है। सब उनकी कृपा है!

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  1. बहुत खूबसूरत संदेश। इस अनमोल जीवन को जीने का अति सुंदर नुस्खा।

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