बेटियाँ माँ-बाप की जान हैं होती

बेटियाँ माँ-बाप की जान हैं होती,

उनके दिल की ज़ुबान हैं होती,

उनके दम से होता रौशन गुलज़ार,

उनकी ख़ुशबू से महके संसार,

मीठे प्यारे उनके बोल,

कोई आंक सके न उनका मोल,

अपना धीरज वो कभी न खोतीं,

घर कुनबे की शान वो होतीं,

कुदरत का नायाब तोहफ़ा उन्हें मानो,

उस रब की ख़ास मेहर उन्हें जानो,

जहां वो अपना परचम फहरातीं,

बसती वहीं ख़ुशियाँ, फसलें लहरातीं,

बेटियाँ बचाने का न करो गुमान,

बख्शो इज़्ज़त उन्हें, करो ख़ुद पे एहसान,

घर-दुनिया की वो होतीं जान,

मोहब्बत करो उनसे, करो उन पे मान!

बेटियों के इस मुबारक दिन पर सभी नायाब बेटियों को को समर्पित

अरुण भगत

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Published by Arun Bhagat

I love to talk through my writings.@

4 thoughts on “बेटियाँ माँ-बाप की जान हैं होती

  1. बहुत खूब कहा प्रोफेसर साहेब! बेटियां एक परिवार की जान और शान होतीं हैं। उनके चहकने और खिलखिलने से परिवार की बगिया में एक प्रसन्नता का माहौल रहता है। उनका माता पिता तथा भाई बहनो के प्रति संवेदना तथा स्नेह अद्वित्य है।

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    1. You are so right, brother! Daughters are simply precious! May the daughters of the world thrive and show the way to a better world! Thanks a ton for your warm and wise response to the poem! Stay blessed.

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