प्रेम की भाषा जो हैं जानें

जहां प्रेम की गंगा बहती,

प्रभु कृपा वहीं है रहती,

प्रेम रस में हैं जो डूबे,

जीवन से वे कभी न ऊबे,

जहां प्रेम प्रेरित व्यवहार,

वहीं होता आनंद संचार,

प्रेम की भाषा जो हैं जाने,

देवगण भी उनकी मानें,

कृष्ण प्रेम में डूबी मीरा,

प्रेम रतन का पाया हीरा,

प्रेम दीवानी हर गोपी नाचे,

प्रेम पोथी को वह बांचे,

उसी से हुआ उसका बेड़ा पार,

प्रेम में निहित है जीवन सार,

प्रेम सूत्र में जो बंध जाए संसार,

प्रभु की होगी कृपा अपार,

वैमनस्य जीवन से ज्यों जाएगा,

स्वर्ग धरती पर ही उतर आएगा,

प्रेम से जब होंगे निर्मल मन,

जीवन बन जाएगा आनंद वन!

अरुण भगत

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Published by Arun Bhagat

I love to talk through my writings.@

10 thoughts on “प्रेम की भाषा जो हैं जानें

  1. बहुत सुंदर कविता Sir👌👌👌👌👌
    प्रेम में ही जीवन का सार है,
    प्रेम ही सृष्टि का आधार है,
    प्रेम ही प्रभु भक्ति का द्वार है।
    🙏🙏💐💐

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  2. अति सुंदर! प्रेम ही जीवन का आधार है और प्रेम ही संबंधों मे मधुरता का स्रोत है। बिना प्रेम के जीवन में केवल कटुता होगी।

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद, भाई! प्रेम ही वह सकारात्मक ऊर्जा है जिसने विश्व को एक सूत्र में बांध रखा है।

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