रूहानी हो तेरा जलाल

तय कर ऊँचे आयाम, न कर तूँ आराम, नयी मंज़िलों की ओर बढ़ता जा, नए सबक़ तूँ पढ़ता जा, नए इरादे, नीयत नेक, दोनों मानो हों ज्यों एक, लम्बे ज़िंदगी के ये रास्ते, बाहें फैलाए खड़े तेरे वास्ते, बढ़ आगे, न रुक, न डर, हर मुश्किल को पार कर, हर चुनौती को इक मौक़ा मान,Continue reading “रूहानी हो तेरा जलाल”

समय की धारा में बहता है जो

जो बीत गया सो बीत गया, अब उससे लेना देना क्या? जो गुज़र गए दिन और रातें, क्यों करता है आज उन की बातें? छुट गए हैं सदा के लिए पीछे जो रास्ते, क्यों भरता है आहें उनके वास्ते? जिस पथ पर अब खड़ा, उस पर अपनी नज़र गढ़ा, इस पल से, याद रख, कुछContinue reading “समय की धारा में बहता है जो”

इस पल में है जीवन का वास

इस पल से बंधी हमारी आस, इस पल में ही है जीवन का वास, यही पल तो है जो हमारा है, इसे गँवाना नहीं हमें गवारा है, इस पल से बंधी है जीवन की डोर, किसने देखी है कल की भोर ? इस पल में बसती है हमारी जान, यही पल है हमारे जीवन कीContinue reading “इस पल में है जीवन का वास”

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