प्यार है तो जहां है
सारी ख़ुशी भी वहाँ हैं
प्यार है तो मीठे सपने
और लगते हैं सब अपने
प्यार है तो है असल पूजा
फिर रब अपना,नहीं वो दूजा
प्यार में जब फैलती हैं बाहें
तो खुल जाती हैं सब बंद राहें
प्यार है जब जब बोलता
दिलों के दरवाज़े खोलता
जब प्यार का मरहम लगता
गहरे से गहरा घाव है भरता
प्यार सब गिरहें देता खोल
प्यार के रिश्ते सदा अनमोल
प्यार बिना यह दुनिया खाली
सब कुछ सूना, सब है जाली
प्रेम धुरी पर कायनात खड़ी
प्यार से है न कोई नेमत बड़ी!
अरुण भगत
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