कोई तो है…

कोई तो है जो सितारों को करता है रौशन,

कोई तो है जो करता है भरन-पोषण,

कोई तो है जो बादलों में है गरजता,

कोई तो है जो ज़लज़ला बन है लरजता,

कोई तो है जो हवाओं में है बहता,

कोई तो है जो हमारे दर्द हो है सहता,

कोई तो है जो हमारी हंसी में है खनकता,

कोई तो है जो बन सपने आँखों में है चमकता,

कोई तो है जो अंधेरों को दूर है भगाता,

कोई तो है जो आशाओं के दीप है जलाता,

कोई तो है जो माँ बनकर करता है दुलार,

कोई तो है जो संकट में सुनता है पुकार,

कोई तो है जो पर्वतों की चोटियों पर है रहता,

कोई तो है जो अंतरात्मा बन बहुत कुछ है कहता,

कोई तो है जिसने रोते को है हँसाया,

वही तो है जो रोम-रोम में है समाया!

अरुण भगत

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Published by Arun Bhagat

I love to talk through my writings.@

8 thoughts on “कोई तो है…

  1. कोई तो है,
    जो हर पल, हर जगह है,
    हमारा विश्वास,
    हमारी आस्था,
    हमारा परमात्मा🙏🙏🙏

    बहुत अच्छा लिखा है Sir🙏🙏

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    1. बहुत बहुत धन्यवाद, मीनाक्षी जी! ईश्वर के प्रति आपकी आस्था और आपपर उसकी कृपा बनी रहे!

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    1. धन्यवाद, श्वेता बच्चे! खुश रहिए! परमात्मा की कृपा से आपका जीवन आनन्दमय हो!

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