यह वक़्त का रेला,
यह ज़िंदगी का मेला,
तूँ ख़त्म हो चुकेगा,
फिर भी यह न रुकेगा,
न रहेंगे बाग़ और बाग़बान,
फिर भी चलता रहेगा यह कारवाँ,
हम सभी वक़्त की गर्द में जाएँगे खो,
इक गहरी नींद जाएँगे सो,
वक़्त का दरिया तो यूँ ही बहता रहेगा,
अपनी ख़ामोश ज़ुबान में बहुत कुछ कहता रहेगा,
मदमस्त हम, वक़्त रहते कहाँ कुछ सुनेंगे,
कहाँ हम थमेंगे, कहाँ कुछ गुनेंगे?
कितना भी हो गुमान, वक़्त का रेला तो ले जाएगा बहा,
पता भी नहीं होगा, हो जाएँगे हवा,
हमें हो या न हो मंज़ूर,
यही ज़िंदगी का अदब, यही दस्तूर!
वक़्त का हिसाब तो है सीधा और साफ़,
न कभी किया है, न कभी करेगा हमारी गुस्ताखियों को माफ़!
अरुण भगत
#arunbhagatwrites #poetry #poeticoutpourings #outpouringsofmyheart #writer #indianwriter #englishpoetry #poetryofthesoul
True lines sir❤️heart touching
LikeLike
Thank you, Sahil dear! Happy that the poem touched your heart! The realities of life can often be poignant and heart-rending!
LikeLike
100 percent true !
LikeLike
Thank you, Shivam dear! What the poem states is indeed the eternal truth of life!
LikeLike
True lines sir💯❤️
heart touching💙💙
LikeLike
Thank you, Sapna dear, for liking the poem and for your heart-warming response! Stay blessed.
LikeLike
Outstanding poem 👏 👌 !!
LikeLike
Thank you very much, Neha Ji! Your generosity is so heart-warming! God bless you!
LikeLike
अच्छी लगी कविता।
धन्यवाद सर।🙏🙏
LikeLike
धन्यवाद, ममता जी! खुश रहिए!
LikeLike
So true sir..
LikeLike
Thank you, dear, for endorsing the eternal truth the poem brings out! Stay blessed.
LikeLike
बाहर खूब प्रोफेसर साहब। समय तो अनंत और अनादी है। हम तो इस समय के चक्र में एक छोटी सी भूमिका अदा कर के लुप्त हो जाते हैं। परंतु कई बार हम भूल जातें है ये जीवन क्षण भंगुर है। इस लिए ये आवश्यक कि हमें इस तथ्य का एक एहसास रहे और हम अपने कर्मों पर सदा नज़र रखें।
LikeLike
बिलकुल सही कह रहे हैं आप, जोगेश भाई! कविता के तत्व को सराहने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद!
LikeLike
बिल्कुल सही सर। वक्त किसी के लिए नहीं रुकता चाहे कोई इस दुनिया में आए या जाए। वक्त अपने हिसाब से चलता ही रहता है।
LikeLike
धन्यवाद, राशी! जीवन तो चलायमान है और वक़्त के रेले में सब बह जाते हैं! लेकिन बात यह महत्वपूर्ण है कि जो और जितना जीवन मिला है उसका हम क्या करते हैं!
LikeLike